9वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन                           विदेश मंत्रालय, भारत सरकार              Ninth World Hindi Conference

      जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)             Ministry of External Affairs, Government of India        Johannesburg [South Africa]

        22-24 सितम्बर, 2012                                                                        22-24 September, 2012

 अभिलेखागार - सातवां विश्व हिंदी सम्मेलन


सातवां विश्व हिन्दी सम्मेलन

तिथि

 

5-9 जून, 2003

 

स्थान

 

पारामारिबो, सूरीनाम

 

आयोजक

 

सम्मेलन के संयोजक श्री जानकी प्रसाद सिंह थे।

 

विषय

 

विश्व हिन्दी नई शताब्दी की चुनौतियां

 

प्रतिनिधिमंडल

 

भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता भारत के विदेश राज्य मंत्री श्री दिग्विजय सिंह थे।

 

उद्घाटन समारोह

 

 

सम्मेलन का उद्घाटन

 

सम्मेलन का उद्घाटन सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री रोनाल्डो रोनाल्ड वेनेत्शियान द्वारा किया गया।

 

अन्य वक्ता

 

श्री दिग्विजय सिंह, विदेश राज्य मंत्री, भारत सरकार

श्री मारिया क्रिस्तोफ ब्रिस्की, पोलैंड

श्री रामदीन सरजू, अध्यक्ष, सूरीनाम राष्ट्रीय सभा

श्री जानकी प्रसाद सिंह, सम्मेलन के संयोजक

अम्ब. कृष्णदत्त नन्दू

श्री ओमप्रकाश, सूरीनाम में भारत के राजदूत

 

 

समापन समारोह

 

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

 

श्री रतन कुमार अजोधिया, सूरीनाम के उपराष्ट्रपति

श्री दिग्विजय सिंह, विदेश राज्य मंत्री, भारत सरकार

 

 

शैक्षिक सत्र

 

1. विश्व हिन्दी के समक्ष चुनौतियां और समाधान

i.   कैरिबियन देशों में हिन्दी की स्थिति

ii.   एशियाई देशों में हिन्दी की स्थिति

iii.  यूरोपिय देशों में हिन्दी की स्थिति

iv.  अफ्रीकी देशों में हिन्दी की स्थिति

v.   अमरीकी देशों में हिन्दी की स्थिति

vi.  दक्षिण प्रशांत में हिन्दी की स्थिति

vii. मध्य-पूर्व एशिया में हिन्दी की स्थिति

viii.  संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी की स्थिति

 

2. हिन्दी की बोलियों में नया सृजन

i.   सरनामी का नया रचना संसार

ii.   मॉरीशस में हिन्दी लेखन

iii.  फीजी बात में नया सृजन

iv.  नेपाली हिन्दी की रचनाएं

v.   नेताली हिन्दी की रचनाएं

vi.  भारत में पूर्वी हिन्दी में सृजन संसार

vii. भारत में पश्चिमी हिन्दी में सृजन संसार

 

3. विश्व हिन्दी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका

i.   हिन्दी और इंटरनेट

ii.   हिन्दी में कम्प्यूटर पौद्योगिकी के बढ़ते परिदृश्य

iii.  देवनागरी लिपिः कम्प्यूटर के संदर्भ में

iv.  हिन्दी के नए साफ्टवेयर

 

4. हिन्दी और प्रसारण

i.   हिन्दी और रेडियो

ii.   हिन्दी और टेलीविज़न

iii.  हिन्दी और सिनेमा

iv.  हिन्दी के सी.डी. एवं ऑडियो कैसेट

 

5. हिन्दी और पत्रकारिता

i.   हिन्दी पत्रकारिता और अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप

ii.   हिन्दी पत्रिकाएं - विकास का एक दशक

iii.  हिन्दी की पत्र-पत्रिकाएं - भारतीय संदर्भ

iv.  हिन्दी की पत्र-पत्रिकाएं वैश्विक संदर्भ

 

6. अर्थव्यवस्था में हिन्दी की भूमिका

i.   नई बाजार व्यवस्था और हिन्दी

ii.   रोज़गार और हिन्दी

iii.  विज्ञापन और हिन्दी

iv.  हिन्दी और पर्यटन उद्योग

 

7. हिन्दी और शिक्षण व्यवस्था

i.   भारतेतर देशों में सांस्कृतिक केन्द्रों में हिन्दी शिक्षण

ii.   हिन्दी शिक्षण का तकनीकी रूप

iii.  विश्व की अन्य भाषाएं और हिन्दी कोष

iv.  हिन्दी की उच्च शिक्षा के अध्ययन में विभिन्न देशों का योगदान

v.   मानक हिन्दी पाठ्क्रम और पाठ्य पुस्तक निर्माण

 

8. भारतेतर देशों में हिन्दी का समकालीन रचनात्मक परिदृश्य

i.   समकालीन काव्य

ii.   समकालीन कथा साहित्य

iii.  समकालीन आलोचना साहित्य

iv.  समकालीन शोध एवं अनुसंधान

 

9. हिन्दी में अनुवाद और संदर्भ साहित्य

i.   हिन्दी पुस्तकालय के विभिन्न पहलू

ii.   हिन्दी अनुवाद की समस्याएं

iii.  हिन्दी भाषा व्याकरण और मानकीकरण की समस्याएं

iv.  हिन्दी में बाल साहित्य और लोक कथाएं

 

10. भविष्य की हिन्दी और हिन्दी का भविष्य एक परिसंवाद

 

 

 

प्रदर्शनी

 

'हिन्दी हमारी धरोहर', राष्ट्रीय अभिलेखागार,

संस्कृति विभाग की प्रदर्शनी

पुस्तक प्रदर्शनी, नेशनल बुक ट्रस्ट

विदेश में हिन्दी लेखन और रचनाकारों पर केन्द्रित दो फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

सम्मेलन समाचार, दैनिक न्यूज बुलेटिन

 

सांस्कृतिक कार्यक्रम

 

श्री शेखर सेन द्वारा कबीर और तुलसी पर एकल नाटय प्रस्तुतियां

 

 

 

प्रो. (श्रीमती) शारदा सिन्हा द्वारा पारंपरिक भोजपुरी गायन

 

 

 

श्री मनोज तिवारी द्वारा आधुनिक भोजपुरी गीत प्रस्तुति

 

 

 

श्रीमती सुमिता शर्मा द्वारा रामचरित मानस के प्रसंगों तथा श्रीमती महादेवी वर्मा के गीतों पर कत्थक प्रस्तुति

 

 

 

निजामी बंधुओं द्वारा कव्वाली

 

 

 

दिल्ली के ध्वनि ग्रुप के कलाकारों द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुति

 

 

सम्मानित विद्वान

 

भारतीय                                     10

 

 

विदेशी विद्वान                                 16

 

 

(चार विदेशी और दो भारतीय विद्वान कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाए।)             

                       

विदेशों से प्रतिभागिता

 

भारत                                       200

सूरीनाम                                     100

गुयाना                                       17

ट्रिनिडाड और टोबेगो                            18

(अन्यः 12 से अधिक देशों की प्रतिभागिता)

 

अन्य विशेषताएं

 

विदेश राज्य मंत्री द्वारा बाबा-माई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और 'एक पथ हिन्दी लान' का उद्घाटन।

 


Revised: 08/01/12.