9वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन                           विदेश मंत्रालय, भारत सरकार              Ninth World Hindi Conference

      जोहांसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)             Ministry of External Affairs, Government of India        Johannesburg [South Africa]

        22-24 सितम्बर, 2012                                                                    22-24 September, 2012

अभिलेखागार - तृतीय विश्व हिंदी सम्मेलन


तृतीय विश्व हिंदी सम्मेलन

 

 

तिथि

28-30 अक्तूबर, 1983

 

स्थान

दिल्ली, भारत

 

आयोजक

अध्यक्ष, राष्ट्रीय आयोजन समिति, श्री बलराम जाखड़, अध्यक्ष, लोक सभा

 

बोधवाक्य

'वसुधैव कुटुम्बकम्'

 

प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता

मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल के नेता श्री हरीश बुधू

 

उद्घाटन समारोह

 

 

सम्मेलन का उद्घाटन

भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया

 

अध्यक्षता

डॉ आर. एस. मैग्रेगर, प्राध्यापक, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय

 

स्वागत भाषण

श्री मधुकरराव चौधरी, कार्याध्यक्ष, राष्ट्रीय समिति

 

अन्य वक्ता

श्रीमती शीला कौल, शिक्षामंत्री, भारत सरकार

 

डॉ. बलराम जाखड़, अध्यक्ष लोक सभा एवं अध्यक्ष, राष्ट्रीय समिति

 

श्री श्रीकांत वर्मा, अध्यक्ष, प्रतिनिधि समिति

 

श्री हरीश बुधू, मारीशस प्रतिनिधिमंडल के नेता

 

श्री वियोगी हरि

 

आभार

श्री शंकरराव लोंढे, महामंत्री (संगठन) राष्ट्रीय समिति

 

समापन समारोह

 

 

अध्यक्षता

डॉ. बलराम जाखड़, अध्यक्ष लोक सभा एवं अध्यक्ष, राष्ट्रीय समिति

 

मुख्य वक्ता

श्रीमती महादेवी वर्मा

 

स्वागत

प्रो. सिद्धेश्वर प्रसाद

 

अन्य वक्ता

डॉ. चेलिशेव, रूस

 

श्री सोमदत्त बखौरी, मॉरीशस

 

श्री ल्यूको नान, चीन

 

श्री मधुकर राव चौधरी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय समिति

 

धन्यवाद

प्रो. रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव, सचिव, संगठन समिति

 

शैक्षिक सत्र

तीन पूर्ण सत्र हुए जिनके विषय थेः

 

(1)  अन्तरर्रष्ट्रीय भाषा के रूप में हिन्दी प्रसार की संभावनाएं और प्रयास

(2)  भारत के सांस्कृतिक संबंध और हिन्दी

(3)  मानव मूल्यों की स्थापना और हिन्दी की भूमिका

 

समानांतर सत्र

'आधुनिक भारत में हिन्दी के बढ़ते चरण' विषय के अन्तर्गत 28 अक्तूबर 1983 को छः समानान्तर सत्र आयोजित किए गएः

  1. आधुनिक भारत में हिन्दी साहित्य की विकास रेखाएं
  2. आधुनिक भारत में हिन्दी भाषा की प्रगति
  3. आधुनिक भारत में हिन्दी की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति
  4. देवनागरी लिपिः स्वरूप और संभावनाएं
  5. आधुनिक भारत में हिन्दी पत्रकारिता की प्रगति
  6. हिन्दी के विकास में स्वैछिक संस्थाओं का योगदान

 

अन्तर्राष्ट्रीय संदर्भ और हिन्दी विषय पर 29 अक्तूबर 1983 को तीन समानांतर सत्र आयोजित किए गएः

  1. भारतीय मूल के जन समुदाय में हिन्दी का प्रसार, समस्याएं और संभावनाएं
  2. विश्व के अन्य देशों में हिन्दी का प्रचार-प्रसार, समस्याएं और संभावनाएं
  3. संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों में हिन्दी का प्रयोग और संभावनाएं

 

'हिन्दी का अन्तर-भारती स्वरूप' विषय के अन्तर्गत 30 अक्तूबर 1983 को छः समानांतर सत्र आयोजित किए गएः

1.  हिन्दी और अन्य भाषाएं : आदान-प्रदान      (तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़)

2.  हिन्दी और अन्य भाषाएं :  आदान-प्रदान      (मराठी, गुजराती और हिन्दी की बोलियां)

3.  हिन्दी और अन्य भाषाएं : आदान-प्रदान      (बंगला, उड़िया, असमिया)

4.  हिन्दी और अन्य भाषाएं :  आदान-प्रदान      (उर्दू, पंजाबी, कश्मीरी, सिंधी)

5.  हिन्दी और अन्य भाषाएं :  आदान-प्रदान      (भोट, बर्मी और मुंडा परिवार)

6.  हिन्दी और प्राचीन भारतीय भाषाएं :  आदान-प्रदान      (संस्कृत, पाली, अपभ्रंश)

 

अन्य कार्यक्रम

 

प्रदर्शनी

हिंदी के बढ़ते चरण (प्रौद्योगिकी खंड)

 

 

व्यवहार में हिंदी पर प्रदर्शनी

 

 

हिंदी तथा अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं की चित्रमय प्रदर्शनी

 

 

विदेशों में हिंदी पर प्रदर्शनी

 

संचार माध्यम और देवनागरी लिपि पर प्रदर्शनी

 

प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी

 

'रेल मंडल' प्रदर्शनी

 

सांस्कृतिक कार्यक्रम

भारतीय कला केंद्र की प्रस्तुति

 

 

मोहन राकेश द्वारा रचित नाटक 'आषाढ़ का एक दिन' की प्रस्तुति

 

"कहानी कत्थक की" संयोजन, पं. बिरजू महाराज

 

 

 

लोकनृत्य

 

 

रासलीला

 

 

कवि सम्मेलन

 

सम्मानित विद्वान

कुल                                    41

 

भारतीय भाषाओं के सम्मानित लेखक       18

 

सम्मानित अहिंदीभाषी हिंदी सेवी और विद्वान    7

 

विदेशी हिंदी सेवी विद्वान                     8

 

अन्य                                    8

 

विदेश से प्रतिभागिता

260 प्रतिनिधि

 

कुल प्रतिनिधि

6566

 

 

अन्य विशेषताएं

दो स्मारिकाओं 'विश्व हिंदी' और 'विश्व के मानचित्र पर हिंदी' का लोकार्पण

 

 

भाषा, गगनांचल, अक्षरा का लोकार्पण

 

 

आयोजन में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा की महत्वपूर्ण भूमिका


Revised: 08/01/12.